बिना TET शिक्षकों के लिए सरकार का बड़ा आदेश, सुप्रीम कोर्ट आदेश के बाद दिशा निर्देश जारी TET For Primary Teacher

By
On:
Follow Us

TET For Primary Teacher: प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले उन शिक्षकों के लिए एक बड़ी खबर आई है जो अभी तक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी TET पास नहीं कर पाए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय भोपाल ने 02 मार्च 2023 को एक नोटिस जारी किया है जिसमें साफ कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक ऐसे सभी शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में बैठना होगा। यह नोटिस समस्त संभागीय संयुक्त संचालक और समस्त जिला शिक्षा अधिकारी मध्यप्रदेश को भेजा गया है। पात्रता परीक्षा का आयोजन जुलाई और अगस्त 2026 में होने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने सिविल अपील 1385/2025 और 1386/2025 सहित अन्य समरूप याचिकाओं में 01 सितंबर 2025 को एक अहम आदेश पारित किया था। इस आदेश में कोर्ट ने कहा कि RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त हुए और जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से ज़्यादा का वक्त बचा है, ऐसे सभी इन-सर्विस शिक्षकों को 2 साल के अंदर TET पास करना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करते तो उन्हें नौकरी छोड़नी होगी या फिर उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।

नोटिस में क्या निर्देश दिए गए हैं

लोक शिक्षण संचालनालय ने इस नोटिस के ज़रिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिले में ऐसे सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के शिक्षकों को पात्रता परीक्षा में शामिल होने के लिए सूचित करें जो अभी तक TET पास नहीं हुए हैं। नोटिस में यह भी बताया गया है कि यह परीक्षा सभी संवर्गों के लिए होगी यानी किसी एक वर्ग को छूट नहीं मिलेगी। आयुक्त द्वारा अनुमोदित यह नोटिस सीधे संचालक लोक शिक्षण मध्यप्रदेश की ओर से जारी हुआ है।

किन शिक्षकों पर लागू होगा यह आदेश

  • जो शिक्षक RTE एक्ट लागू होने से पहले नियुक्त हुए थे।
  • जिनकी सेवानिवृत्ति में अभी 5 साल से ज़्यादा का समय बाकी है।
  • जो अब तक TET यानी शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं।
  • प्राथमिक और माध्यमिक दोनों स्तरों के सभी संवर्गों के शिक्षक।

दो साल में पास करना होगा TET वरना क्या होगा

सुप्रीम कोर्ट का आदेश बहुत साफ है। जो शिक्षक तय वक्त यानी 2 साल के भीतर TET पास नहीं कर पाते उन्हें खुद नौकरी छोड़नी होगी। इसके अलावा सरकार उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दे सकती है। हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा है कि टर्मिनल बेनिफिट्स यानी सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले लाभ तभी मिलेंगे जब शिक्षक ने नियमों के अनुसार सेवाकाल पूरा किया हो। अगर किसी शिक्षक की सेवा में कोई कमी हो तो उनका मामला सरकार के संबंधित विभाग को भेजा जाएगा।

प्रमोशन चाहने वालों के लिए भी TET ज़रूरी

कोर्ट के आदेश में एक और अहम बात कही गई है। जो शिक्षक नई नियुक्ति के लिए आवेदन करना चाहते हैं या प्रमोशन के ज़रिए किसी पद पर आना चाहते हैं, उन सभी के लिए TET पास करना अनिवार्य है। बिना TET के उनकी उम्मीदवारी पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। यह नियम नए और पुराने दोनों तरह के शिक्षकों पर लागू होगा जो किसी पद के लिए अप्लाई करने की सोच रहे हैं।

TET परीक्षा कब होगी

लोक शिक्षण संचालनालय के नोटिस के अनुसार पात्रता परीक्षा का आयोजन जुलाई और अगस्त 2026 में होने की संभावना है। यह परीक्षा प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के सभी संवर्गों के शिक्षकों के लिए एक साथ आयोजित की जाएगी। जिले स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारियों को यह ज़िम्मेदारी दी गई है कि वे सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र शिक्षक इस परीक्षा की सूचना से वंचित न रहे।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 और TET का कनेक्शन

शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 यानी RTE Act के तहत यह प्रावधान पहले से है कि प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को TET पास होना चाहिए। लेकिन इस एक्ट के लागू होने से पहले जो शिक्षक नियुक्त हो चुके थे उन्हें कुछ छूट दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने उस छूट की एक सीमा तय कर दी है और कहा है कि 2 साल के अंदर TET पास करना होगा नहीं तो सेवा में बने रहने का हक नहीं रहेगा। मध्यप्रदेश सरकार ने इसी आदेश के पालन में यह नोटिस जारी किया है।

इस पूरे मामले में जिला शिक्षा अधिकारियों की ज़िम्मेदारी सबसे ज़्यादा है। उन्हें यह सुनिश्चित करना है कि उनके जिले के हर उस शिक्षक तक यह जानकारी पहुंचे जो अभी तक TET नहीं दे पाया है। संभागीय संयुक्त संचालकों को भी इस काम में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। नोटिस में साफ कहा गया है कि यह सूचना सुनिश्चित करना उनकी जवाबदेही है।20260306 140935

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now
और पढ़ें