CBSE 10th 12th Students Good News: सीबीएसई बोर्ड एग्जाम को लेकर इस समय छात्रों और अभिभावकों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं क्योंकि बोर्ड ने कंपार्टमेंट एग्जाम से जुड़ी व्यवस्था को साफ कर दिया है. जानकारी के मुताबिक अगर 10वीं या 12वीं के किसी छात्र को किसी एक विषय में पास होने के लिए जरूरी नंबर नहीं मिलते और कंपार्टमेंट आ जाता है तो उसे तुरंत पढ़ाई छोड़नी नहीं पड़ती. सीबीएसई ऐसे छात्रों को उसी विषय में सुधार करने का मौका देता है. बोर्ड के नियम के अनुसार छात्र को पास होने के लिए अधिकतम तीन अवसर मिल सकते हैं. इसका मकसद यह है कि एक विषय की वजह से छात्र का पूरा साल खराब न हो और उसे अपनी पढ़ाई जारी रखने का मौका मिल सके.
कंपार्टमेंट आने पर तीन बार मिल सकता है अवसर
सीबीएसई की मौजूदा व्यवस्था के अनुसार अगर किसी छात्र को बोर्ड एग्जाम में किसी विषय में कंपार्टमेंट मिलता है तो उसे उस विषय को दोबारा देने का मौका दिया जाता है, और यह मौका सिर्फ एक बार तक सीमित नहीं रहता बल्कि छात्र को अधिकतम तीन अवसर मिल सकते हैं. इन मौकों में अगर छात्र उस विषय में पास हो जाता है तो उसकी पढ़ाई सामान्य तरीके से आगे बढ़ सकती है और उसे पूरी कक्षा दोहराने की जरूरत नहीं पड़ती. लेकिन अगर छात्र तीनों अवसरों में भी पास नहीं हो पाता तो उसे फिर से उसी कक्षा की पढ़ाई करनी पड़ सकती है और कई मामलों में प्राइवेट उम्मीदवार के रूप में फॉर्म भरकर दोबारा एग्जाम देना पड़ता है.
10वीं के छात्रों के लिए यह व्यवस्था कैसे काम करती है
सीबीएसई ने 10वीं के लिए दो बोर्ड एग्जाम कराने की व्यवस्था शुरू की है इसलिए अगर किसी छात्र को मुख्य एग्जाम में किसी विषय में कंपार्टमेंट मिलता है तो उसे पहला मौका उसी साल होने वाली दूसरी बोर्ड एग्जाम में मिल सकता है. यह एग्जाम आमतौर पर मई महीने में आयोजित की जाती है और इसमें छात्र उस विषय को दोबारा देकर पास होने की कोशिश कर सकता है. अगर छात्र इस मौके पर पास नहीं हो पाता तो दूसरा अवसर जुलाई में आयोजित होने वाली कंपार्टमेंट एग्जाम में मिलता है और अगर यहां भी सफलता नहीं मिलती तो तीसरा मौका अगले साल होने वाली मुख्य बोर्ड एग्जाम में दिया जाता है.
12वीं के छात्रों के लिए कंपार्टमेंट एग्जाम की व्यवस्था
12वीं बोर्ड एग्जाम में भी अगर किसी छात्र को किसी विषय में कंपार्टमेंट मिलता है तो उसे उस विषय में सुधार का मौका दिया जाता है, और यह मौका आमतौर पर उसी साल जुलाई में आयोजित होने वाली कंपार्टमेंट एग्जाम के रूप में मिलता है. यह पहला अवसर माना जाता है जिसमें छात्र उस विषय का पेपर दोबारा दे सकता है. अगर छात्र इस एग्जाम में भी पास नहीं हो पाता तो उसे अगले साल होने वाली मुख्य बोर्ड एग्जाम में उस विषय का पेपर देने का अवसर मिल सकता है. कुछ मामलों में छात्र प्राइवेट उम्मीदवार के रूप में भी एग्जाम दे सकता है जिससे वह अपनी पढ़ाई जारी रख सके.
टेली काउंसलिंग में आ रहे सबसे ज्यादा सवाल
सीबीएसई की ओर से बोर्ड एग्जाम के दौरान टेली काउंसलिंग सेवा भी चलाई जाती है जिसमें छात्र और अभिभावक अपनी परेशानियों से जुड़े सवाल पूछ सकते हैं. हाल के दिनों में इस सेवा पर सबसे ज्यादा सवाल कंपार्टमेंट एग्जाम और दूसरी बोर्ड एग्जाम को लेकर आए हैं. बोर्ड के अनुसार पिछले करीब पंद्रह दिनों में सैकड़ों कॉल आए हैं जिनमें छात्रों ने पूछा कि अगर किसी विषय में कंपार्टमेंट आ जाता है तो आगे क्या करना होगा. कई छात्रों ने यह भी जानना चाहा कि क्या दूसरी बोर्ड एग्जाम में शामिल होने से उनका साल बच सकता है और क्या उन्हें अगली कक्षा में पढ़ाई जारी रखने का मौका मिल सकता है.
10वीं में फेल होने पर औपबंधिक दाखिले की व्यवस्था
सीबीएसई ने 10वीं के छात्रों के लिए एक और व्यवस्था लागू की है जिससे कई छात्रों को राहत मिलती है क्योंकि अगर कोई छात्र पहली बोर्ड एग्जाम में किसी विषय में पास नहीं हो पाता तो उसे 11वीं में औपबंधिक दाखिला मिल सकता है. इसका मतलब यह है कि छात्र 11वीं की पढ़ाई शुरू कर सकता है लेकिन उसे दूसरी बोर्ड एग्जाम में पास होना जरूरी होगा. अगर छात्र दूसरी बोर्ड एग्जाम में पास हो जाता है तो उसका दाखिला सामान्य माना जाता है लेकिन अगर वह इस मौके पर भी पास नहीं हो पाता तो स्कूल में उसका नामांकन रद्द किया जा सकता है और फिर उसे दोबारा उसी कक्षा की पढ़ाई करनी पड़ सकती है.












