पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि 13 मार्च को किसानों के खाते में अगली किस्त भेजी जाएगी। इस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसानों को 2-2 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे। हालांकि उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों को इस बार झटका लग सकता है, क्योंकि जरूरी प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से उनके खाते में पैसा नहीं पहुंचेगा। आईए जानते हैं पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त के बारे में किन किसानों का पैसा रोका जा सकता है।
13 मार्च को किसानों के खाते में आएगी अगली किस्त
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल किसानों को तीन किस्तों में 6 हजार रुपये दिए जाते हैं। इसी योजना की 22वीं किस्त 13 मार्च को जारी की जाएगी। सरकार के अनुसार इस दिन देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 2-2 हजार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर होगी। लेकिन उत्तर प्रदेश के करीब 23 लाख किसानों के खाते में यह पैसा नहीं आएगा। बताया जा रहा है कि ललितपुर, गाजियाबाद, रामपुर, इटावा और अमेठी जैसे जिलों में बड़ी संख्या में किसानों ने अभी तक जरूरी किसान रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, जिसकी वजह से उन्हें इस किस्त से बाहर होना पड़ सकता है।
किसान रजिस्ट्रेशन नहीं होने से अटक सकती है रकम
सरकार पिछले कई महीनों से किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए कह रही है। इसके लिए राज्य भर में अभियान भी चलाया गया, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अब तक यह काम नहीं करा पाए हैं। केंद्र और राज्य सरकार साफ कर चुकी हैं कि आगे किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसान रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा। फार्मर आईडी दरअसल किसान की पहचान से जुड़ा रिकॉर्ड होता है, जिसमें उसकी जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी दर्ज रहती है। फिलहाल प्रदेश में करीब 32 फीसदी किसानों ने यह जरूरी काम अभी तक पूरा नहीं किया है, इसलिए उन्हें पीएम किसान की किस्त मिलने में परेशानी हो सकती है।
यूपी में कितने किसानों के बने फार्मर आईडी
आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पीएम किसान योजना के तहत करीब 2 करोड़ 88 लाख 70 हजार 495 किसान रजिस्टर्ड हैं। हालांकि आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि इनमें से करीब 2 करोड़ 16 लाख 27 हजार 902 किसान ही पात्र हैं। पिछली बार जब 21वीं किस्त जारी हुई थी तो करीब 2 करोड़ 16 लाख 04 हजार 559 किसानों के खाते में ही पैसा पहुंचा था। वहीं Agristack पोर्टल के अनुसार 10 मार्च 2026 तक राज्य में करीब 1 करोड़ 96 लाख 72 हजार 345 किसानों ने फार्मर आईडी के लिए आवेदन किया है। इनमें से करीब 1 करोड़ 93 लाख 16 हजार 606 किसानों की आईडी मंजूर हो चुकी है, यानी अभी भी बड़ी संख्या में किसान इस प्रक्रिया से बाहर हैं।
इन जिलों में सबसे कम हुआ किसान रजिस्ट्रेशन
प्रदेश में कुछ जिले ऐसे भी हैं जहां किसान रजिस्ट्रेशन की रफ्तार काफी धीमी रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इटावा, अमेठी, रामपुर, गाजियाबाद और ललितपुर जैसे जिलों में सबसे कम किसानों ने फार्मर आईडी बनवाई है। इसके उलट प्रयागराज, शाहजहांपुर, मिर्जापुर, बलिया और एटा जैसे जिलों में किसान इस काम में आगे रहे हैं। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में सभी योजनाओं के लिए किसान रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा, इसलिए जिन किसानों ने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है उन्हें जल्द यह प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी योजना का लाभ लेने में दिक्कत न हो।
फार्मर आईडी बनाने का तरीका
अगर आपने अभी तक फार्मर आईडी नहीं बनवाई है तो इसे ऑनलाइन या नजदीकी CSC केंद्र के जरिए बनवाया जा सकता है।
STEP-1
- UP Agristack पोर्टल पर जाकर नया यूजर अकाउंट बनाएं
- Create New User Account पर क्लिक करें
- अपना आधार नंबर डालकर OTP से सत्यापन करें
- इसके बाद मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी भरें
STEP-2
- मोबाइल नंबर से Agristack पोर्टल में लॉगिन करें
- सबसे पहले आपकी eKYC जानकारी दिखाई देगी, यह Verified होनी चाहिए
- रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करें और OTP भरकर आगे बढ़ें
STEP-3
- अब अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी भरें
- अगर पोर्टल पर जमाबंदी में नाम नहीं दिखता तो हरे बटन पर क्लिक करें
- जानकारी सबमिट करें और Verify All Land विकल्प चुनें
- आखिर में e-Sign की प्रक्रिया पूरी करें
अगर इस बार किस्त नहीं आई तो क्या होगा
अगर किसी किसान के खाते में इस बार पीएम किसान की 22वीं किस्त नहीं आती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार का कहना है कि जिन किसानों का पैसा फार्मर आईडी या eKYC जैसी वजहों से रुक जाता है, उन्हें बाद में मौका दिया जाता है। यानी अगर आप बाद में यह जरूरी काम पूरा कर लेते हैं तो अगली किस्त के साथ पिछली रुकी हुई राशि भी मिल सकती है। इसलिए जिन किसानों के खाते में पैसा नहीं आए, उन्हें जल्द से जल्द अपनी जानकारी अपडेट करा लेनी चाहिए।











