8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और अब इससे जुड़ी प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। इसी बीच वित्त मंत्रालय ने कर्मचारियों, पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों से वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े सुझाव भी मांगे हैं। फिलहाल माना जा रहा है कि अगर आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
8वें वेतन आयोग से जुड़ी ताजा जानकारी
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। सरकार ने आयोग का गठन कर दिया है और अब इससे जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर सुझाव लिए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। वहीं चर्चा यह भी है कि अगर आयोग की सिफारिशें लागू होती हैं तो इन्हें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है। ऐसा होने पर कर्मचारियों को उस तारीख से लेकर लागू होने तक का बकाया एरियर भी मिल सकता है, जिससे लाखों कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
पहले वेतन आयोग से अब तक कितना बदला वेतन
भारत में वेतन आयोग की व्यवस्था काफी पुरानी है। पहला वेतन आयोग 1946 में बनाया गया था और तब से लेकर अब तक सात वेतन आयोग लागू हो चुके हैं। हर आयोग ने समय के हिसाब से कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में बदलाव किया है। शुरुआत में न्यूनतम वेतन काफी कम हुआ करता था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें बड़ा अंतर देखने को मिला। उदाहरण के तौर पर पहले वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक सैलरी 55 रुपये थी, जबकि सातवें वेतन आयोग में यह बढ़कर 18 हजार रुपये तक पहुंच गई। इसी तरह अधिकतम वेतन भी समय के साथ लगातार बढ़ता गया है।
| वेतन आयोग | लागू होने का समय | न्यूनतम बेसिक सैलरी | अधिकतम बेसिक सैलरी |
|---|---|---|---|
| 1st Pay Commission | 1946–47 | ₹55 | ₹2,000 |
| 2nd Pay Commission | 1957–59 | ₹80 | ₹3,000 |
| 3rd Pay Commission | 1972–73 | ₹196 | ₹3,500 |
| 4th Pay Commission | 1986 | ₹750 | ₹8,000 |
| 5th Pay Commission | 1996 | ₹2,550 | ₹26,000 |
| 6th Pay Commission | 2006 | ₹7,000 | ₹80,000 |
| 7th Pay Commission | 2016 | ₹18,000 | ₹2,50,000 |
सैलरी बढ़ोत्तरी को लेकर उम्मीदें
8वें वेतन आयोग को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट्स में सैलरी बढ़ने के अनुमान भी लगाए जा रहे हैं। कई जानकारों का कहना है कि अगर नए आयोग में फिटमेंट फैक्टर करीब 2.0 या उससे ज्यादा रखा जाता है तो निचले लेवल के कर्मचारियों को अच्छी बढ़ोतरी मिल सकती है। कुछ अनुमानों के अनुसार अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 के आसपास लागू होता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये से बढ़कर करीब 46 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। इससे कर्मचारियों की कुल सैलरी में लगभग 30 से 34 प्रतिशत तक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
सुझाव देने की प्रक्रिया और आखिरी तारीख
वित्त मंत्रालय ने 8वें वेतन आयोग से जुड़े मामलों पर कर्मचारियों, पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों से सुझाव भी मांगे हैं। सरकार चाहती है कि सैलरी, पेंशन, भत्तों और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर अलग-अलग पक्ष अपनी राय दे सकें। इसके लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है ताकि लोग आसानी से अपनी बात रख सकें। बता दें कि सुझाव भेजने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल 2026 तय की गई है। इच्छुक लोग तय समय के भीतर ऑनलाइन माध्यम से अपनी राय भेज सकते हैं, जिसके बाद आयोग आगे की प्रक्रिया में इन सुझावों पर भी विचार करेगा।








