CTET Result 2026 Date: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) जल्द ही CTET Result 2026 जारी करने वाला है। देशभर के लाखों उम्मीदवारों ने फरवरी में आयोजित केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा में हिस्सा लिया था और अब सभी को परिणाम का इंतजार है। बता दें कि CTET परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवारों को शिक्षक बनने के लिए पात्रता मिलती है। ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी, वे जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट ऑनलाइन देख सकेंगे और अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर पाएंगे।
CTET Result 2026 Overview
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | Central Teacher Eligibility Test (CTET) 2026 |
| एडिशन | 21st Edition |
| आयोजित करने वाली संस्था | Central Board of Secondary Education (CBSE) |
| परीक्षा तिथि | 7 और 8 फरवरी 2026 |
| री-एग्जाम | 1 मार्च 2026 (वैशाली, बिहार के 2 केंद्र) |
| परीक्षा का माध्यम | ऑफलाइन (Pen & Paper) |
| पेपर | Paper 1 (कक्षा 1–5) और Paper 2 (कक्षा 6–8) |
| रिजल्ट मोड | ऑनलाइन |
| संभावित रिजल्ट तिथि | अप्रैल 2026 का पहला सप्ताह |
| आधिकारिक वेबसाइट | ctet.nic.in |
| सर्टिफिकेट वैलिडिटी | Lifetime |
फरवरी में आयोजित हुई थी CTET परीक्षा
इस साल CTET फरवरी 2026 परीक्षा देशभर के कई शहरों में आयोजित की गई थी। परीक्षा 7 और 8 फरवरी 2026 को दो शिफ्ट में कराई गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा ऑफलाइन मोड में पेन और पेपर के जरिए आयोजित की गई थी। CTET में दो पेपर होते हैं, जिसमें पहला पेपर कक्षा 1 से 5 तक के शिक्षक बनने के लिए होता है और दूसरा पेपर कक्षा 6 से 8 तक के शिक्षक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए आयोजित किया जाता है।
अप्रैल के पहले सप्ताह में आ सकता है रिजल्ट
परीक्षा पूरी होने के बाद अब उम्मीदवारों की नजर रिजल्ट पर है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार CTET Result 2026 अप्रैल के पहले सप्ताह में जारी किया जा सकता है। रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर अपना स्कोरकार्ड देख सकेंगे। वहीं रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवारों को अपना रोल नंबर और जन्म तिथि जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी, जिसके बाद स्क्रीन पर उनका परिणाम दिखाई देगा।
रिजल्ट में कौन-कौन सी जानकारी होगी
CTET रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवारों को अपने स्कोरकार्ड में दी गई जानकारी ध्यान से देखनी चाहिए। स्कोरकार्ड में उम्मीदवार का नाम, माता-पिता का नाम, जन्म तिथि, रोल नंबर, आवेदन संख्या, श्रेणी, किस पेपर में शामिल हुए, विषयवार प्राप्त अंक, कुल अंक और क्वालिफाई स्टेटस जैसी जानकारी दी जाती है। इसलिए रिजल्ट डाउनलोड करने के बाद सभी विवरण ध्यान से देख लेना जरूरी होता है ताकि किसी भी प्रकार की गलती होने पर समय रहते जानकारी ली जा सके।
CTET पास करने के लिए कितने अंक जरूरी
| Category | Qualifying Percentage | Minimum Marks (Out of 150) |
|---|---|---|
| General (UR) | 60% | 90 |
| OBC (Non-Creamy Layer) | 55% | 82 |
| SC | 55% | 82 |
| ST | 55% | 82 |
| PwD | 55% | 82 |
| EWS | 55% | 82 |
CTET परीक्षा में पास होने के लिए उम्मीदवारों को तय न्यूनतम अंक हासिल करना जरूरी होता है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को कुल अंकों का 60 प्रतिशत यानी 150 में से कम से कम 90 अंक लाने होते हैं। वहीं OBC, SC, ST, EWS और दिव्यांग श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए 55 प्रतिशत यानी 82 अंक निर्धारित किए गए हैं। यदि उम्मीदवार निर्धारित अंकों से कम अंक लाते हैं तो उन्हें CTET में क्वालिफाई नहीं माना जाएगा।
रिजल्ट आने के बाद क्या करना होगा
CTET रिजल्ट जारी होने के बाद जो उम्मीदवार परीक्षा पास कर लेते हैं, वे आगे शिक्षक बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। CTET पास करने के बाद उम्मीदवार केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और अन्य केंद्रीय या राज्य स्तर की शिक्षक भर्तियों में आवेदन करने के पात्र हो जाते हैं, जहां CTET योग्यता जरूरी होती है। इसके अलावा उम्मीदवार भविष्य में आने वाली शिक्षक परीक्षाओं की तैयारी भी जारी रख सकते हैं। उम्मीदवार अपना CTET सर्टिफिकेट DigiLocker से डाउनलोड करके सुरक्षित भी रख सकते हैं।
CTET सर्टिफिकेट कितने समय तक मान्य रहेगा
CTET परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के लिए सर्टिफिकेट की वैधता को लेकर भी अक्सर सवाल पूछा जाता है। बता दें कि अब CTET सर्टिफिकेट की वैधता लाइफटाइम कर दी गई है। यानी एक बार परीक्षा पास करने के बाद उम्मीदवार को दोबारा CTET देने की जरूरत नहीं होती। उम्मीदवार इस सर्टिफिकेट का इस्तेमाल केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, आर्मी स्कूल और कई राज्य सरकारों की शिक्षक भर्तियों में आवेदन करते समय कर सकते हैं। वहीं रिजल्ट जारी होने के बाद उम्मीदवार अपना CTET सर्टिफिकेट DigiLocker से डाउनलोड करके सुरक्षित भी रख सकते हैं, जिससे भविष्य में जरूरत पड़ने पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।







