Govt Employees News:उत्तर प्रदेश में आवास को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में गरीबों के साथ-साथ अब वकील, डॉक्टर, शिक्षक और पत्रकारों को भी आवास की सुविधा देने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि जिन लोगों के पास रहने के लिए पक्का घर नहीं है, उन्हें योजनाओं के जरिए घर उपलब्ध कराया जाएगा।
इसी कड़ी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हर जरूरतमंद तक आवास योजना का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। वहीं उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि जहां जमीन उपलब्ध है वहां तेजी से आवास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत राशि जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत बड़ी राशि जारी की। जानकारी के अनुसार कुल 92,098 लाभार्थियों के खातों में आवास निर्माण की पहली किस्त के रूप में करीब 900 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के हर गरीब के पास अपना पक्का घर हो और कोई भी परिवार बिना छत के न रहे। जिन लोगों के पास रहने के लिए घर नहीं है, उन्हें योजनाओं के जरिए सहायता दी जा रही है। सरकार का मानना है कि जब किसी परिवार के पास अपना घर होता है तो उनके जीवन में स्थिरता आती है और जीवन स्तर भी बेहतर होता है।
पेशेवर लोगों के लिए भी आवास की तैयारी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में कई ऐसे लोग हैं जो अलग-अलग पेशों में काम करते हैं और उन्हें भी रहने के लिए किफायती आवास की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि वकील, डॉक्टर, शिक्षक और पत्रकार समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और कई बार उन्हें अलग-अलग जिलों में काम करना पड़ता है। ऐसे में अगर हर जिले में उनके लिए किफायती आवास की व्यवस्था हो जाए तो उन्हें काफी सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस दिशा में योजना बनाकर काम किया जाए, ताकि इन पेशों से जुड़े लोगों को भी रहने की बेहतर सुविधा मिल सके।
कब्जा मुक्त जमीन का होगा इस्तेमाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले प्रदेश के कई हिस्सों में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे हो गए थे। सरकार ने ऐसी जमीनों को कब्जे से मुक्त कराने के लिए लगातार अभियान चलाया है। अब इन जमीनों का इस्तेमाल जनहित के कामों के लिए किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन गरीब परिवारों के पास अपनी जमीन नहीं है, उनके लिए बहुमंजिला इमारतें बनाकर आवास उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है। इससे एक ही जगह पर ज्यादा लोगों को घर मिल सकेंगे और जमीन का बेहतर उपयोग भी हो पाएगा।
हर जिले में सुविधा उपलब्ध कराने की योजना
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि आवास जैसी सुविधाएं प्रदेश के हर जिले में उपलब्ध हों। इसके लिए नगर विकास विभाग और जिला प्रशासन को मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो नई जमीन चिन्हित करके आवास योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा। उनका कहना है कि जिन लोगों ने सरकारी जमीनों पर कब्जा किया है, उनसे जमीन वापस लेकर जरूरतमंद लोगों को लाभ पहुंचाने का काम जारी रहेगा और आने वाले समय में इस दिशा में और तेजी लाई जाएगी।
योजनाओं से लोगों के जीवन में बदलाव
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश में कई योजनाओं के जरिए गरीब और जरूरतमंद लोगों को मदद पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि जब समाज के कमजोर वर्गों को योजनाओं का लाभ मिलता है तो उनका जीवन स्तर धीरे-धीरे बेहतर होने लगता है। सरकार का दावा है कि आवास, राशन, रोजगार और अन्य योजनाओं के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिला है। वहीं सरकार अब इन योजनाओं को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है, ताकि प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इनका लाभ पहुंचाया जा सके और किसी भी जरूरतमंद को सुविधा से वंचित न रहना पड़े।







