खाते में आएंगे ₹25000, बेटियों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएगी सरकार, सीएम योगी की सौगात

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Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana: उत्तर प्रदेश में बेटियों की पढ़ाई का खर्च अब सरकार उठाएगी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की जानकारी देते हुए बताया कि बेटी के जन्म के साथ ही उसका पंजीकरण होगा और अलग-अलग चरणों में कुल 25000 रुपये सीधे खाते में भेजे जाएंगे। फिलहाल प्रदेश में करीब 27 लाख बेटियां इस योजना का फायदा उठा रही हैं। यह योजना मिशन शक्ति 5.0 के तहत चलाई जा रही है और इसका मकसद बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक हर कदम पर आर्थिक मदद देना है।

क्या है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक खास पहल है जिसका मकसद बेटी के जन्म को प्रोत्साहित करना, उनकी पढ़ाई को बढ़ावा देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई पूरी करने तक कुल 25000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। पहले यह रकम 15000 रुपये थी जिसे बाद में बढ़ाकर 25000 रुपये कर दिया गया। यह पूरी राशि छह अलग-अलग चरणों में परिवार के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। योजना का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है बल्कि कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना, बाल विवाह को खत्म करना और बेटियों की पढ़ाई व सेहत को बढ़ावा देना भी है।

किस चरण में कितने रुपये मिलते हैं

योजना के तहत अलग-अलग चरणों में रकम दी जाती है। जिन बेटियों का जन्म 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद हुआ है उन्हें जन्म के समय 5000 रुपये मिलते हैं। एक साल के भीतर सभी टीकाकरण पूरे होने पर 2000 रुपये दिए जाते हैं। पहली कक्षा में दाखिला लेने पर 3000 रुपये और छठी कक्षा में पहुंचने पर भी 3000 रुपये की मदद मिलती है। नौवीं कक्षा में दाखिले पर 5000 रुपये और 10वीं या 12वीं कक्षा में पहुंचने पर 7000 रुपये की आखिरी किस्त जारी की जाती है। इस तरह जन्म से 12वीं तक कुल छह किस्तों में 25000 रुपये की पूरी रकम बेटी के परिवार को मिलती है। सीएम योगी ने बताया कि जब बेटी पहली कक्षा में प्रवेश लेगी तब भी खाते में सहायता राशि भेजी जाएगी और इसी तरह पांचवीं कक्षा पास कर अगली कक्षा में दाखिला लेने पर भी आर्थिक मदद मिलती रहेगी।

योजना का फायदा किसे मिलेगा

सरकार ने इस योजना के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की हैं। इसका फायदा उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी सालाना आमदनी तीन लाख रुपये से कम है और जो उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी हैं। एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। हालांकि अगर जुड़वा बेटियों का जन्म होता है तो उन्हें भी योजना में शामिल किया जा सकता है। बता दें कि यह योजना उन परिवारों के लिए बेहद फायदेमंद है जो आर्थिक तंगी की वजह से बेटियों की पढ़ाई पर ज्यादा खर्च नहीं कर पाते। सरकार की इस पहल से बेटियां बिना किसी रुकावट के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी।

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आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने होंगे।

  • आधार कार्ड
  • बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • बैंक खाते की जानकारी
  • पासपोर्ट साइज फोटो

आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के जरिए किया जा सकता है। वहीं ऑफलाइन आवेदन संबंधित सरकारी कार्यालयों में जमा किए जा सकते हैं। बता दें कि योजना का पूरा फायदा तभी मिलेगा जब हर चरण पर समय पर आवेदन किया जाए इसलिए बेटी के जन्म के साथ ही पंजीकरण करा लेना बेहतर रहेगा।

27 लाख बेटियों को मिल रहा फायदा

फिलहाल उत्तर प्रदेश में करीब 27 लाख बेटियां मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का फायदा उठा रही हैं। सीएम योगी ने महिला दिवस पर इस योजना की जानकारी देते हुए साफ किया कि सरकार बेटियों की पढ़ाई और उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पहले जहां इस योजना में 15000 रुपये दिए जाते थे वहीं अब इसे बढ़ाकर 25000 रुपये कर दिया गया है जो सरकार की मंशा को साफ दर्शाता है। आने वाले समय में और भी बेटियों को इस योजना से जोड़ने की कोशिश की जाएगी ताकि प्रदेश में कोई भी बेटी पैसों की कमी की वजह से पढ़ाई से वंचित न रहे।

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