कितनी कॉपियां जांची जाएंगी
इस बार का आंकड़ा काफी बड़ा है। करीब 50 लाख छात्रों की पौने तीन करोड़ कॉपियां जांची जानी हैं। हाईस्कूल के छात्रों की डेढ़ करोड़ से ज्यादा कॉपियां हैं और इंटरमीडिएट की करीब 1.17 करोड़ कॉपियां। इनकी जांच के लिए लगभग 1.40 लाख परीक्षकों की तैनाती की जा रही है। इतनी बड़ी संख्या में कॉपियां जांचना अपने आप में एक बड़ा काम है और बोर्ड का लक्ष्य है कि 15 अप्रैल तक रिजल्ट घोषित कर दिया जाए।”बोर्ड का लक्ष्य है कि उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा कर 15 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाए।”
मूल्यांकन में पूरी निगरानी रहेगी
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि मूल्यांकन पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा। जिस तरह बोर्ड परीक्षा के दौरान एग्जाम सेंटर पर बाहरी लोगों का आना मना होता है, उसी तरह मूल्यांकन के दौरान भी कोई बाहरी व्यक्ति अंदर नहीं जा सकेगा। परीक्षकों को मोबाइल फोन या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस साथ ले जाने की इजाजत नहीं होगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता बनाए रखने के लिए की जा रही है।
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पिछले साल का क्या हाल था
पिछले साल यानी 2025 में बोर्ड परीक्षा 24 फरवरी से शुरू हुई थी और 2 अप्रैल तक मूल्यांकन चला था। उसके बाद 25 अप्रैल को रिजल्ट घोषित किया गया था। उस साल हाईस्कूल में 90.11 प्रतिशत और इंटरमीडिएट में 81.15 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। हाईस्कूल में 27,32,165 और इंटरमीडिएट में 27,05,009 छात्र शामिल हुए थे, हालांकि बड़ी संख्या में छात्रों ने बीच में परीक्षा छोड़ दी थी।
इस साल 52 लाख से ज्यादा छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया
इस बार बोर्ड परीक्षा में 52 लाख से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह पिछले साल से ज्यादा है। हालांकि इनमें से भी कुछ छात्रों ने परीक्षा बीच में ही छोड़ दी। इंटरमीडिएट में मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र और तर्कशास्त्र विषयों की परीक्षाएं अभी होनी बाकी हैं जो 12 मार्च से पहले पूरी हो जाएंगी। इसके बाद 18 मार्च से मूल्यांकन का काम शुरू हो जाएगा।
छात्रों को इंप्रूवमेंट का मौका भी मिलेगा
मंझनपुर से आई खबर के मुताबिक इस साल पहली बार यूपी बोर्ड के छात्रों को अंक सुधार यानी इंप्रूवमेंट का मौका दिया जाएगा। रिजल्ट आने के बाद अगर किसी एक विषय में कम अंक मिले हैं तो छात्र उस विषय में दोबारा पेपर दे सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद ने इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए यह नई व्यवस्था लागू की है। पांच विषयों में से किसी एक में अगर अपेक्षित अंक नहीं मिले तो इंप्रूवमेंट के लिए आवेदन किया जा सकेगा। इंप्रूवमेंट पेपर बोर्ड के तय मानकों पर होगा, फिलहाल तारीख घोषित नहीं हुई है।
होली के बाद परीक्षाएं फिर शुरू हुईं
प्रदेश के 8033 केंद्रों पर ज्यादातर मुख्य विषयों की परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं। होली की वजह से परीक्षाएं कुछ दिन रुकी थीं और 9 मार्च से फिर शुरू हुईं। उस दिन पहली पाली में हाईस्कूल के उर्दू का पेपर था और दूसरी पाली में इंटरमीडिएट के मनोविज्ञान, शिक्षाशास्त्र और तर्कशास्त्र का। 12 मार्च को आखिरी पेपर के साथ परीक्षाएं पूरी हो जाएंगी और उसके ठीक छह दिन बाद मूल्यांकन का काम शुरू हो जाएगा।
15 अप्रैल तक रिजल्ट का लक्ष्य
बोर्ड ने इस बार रिजल्ट जल्दी देने का लक्ष्य रखा है। 18 मार्च से मूल्यांकन शुरू होने पर करीब चार हफ्ते में पौने तीन करोड़ कॉपियां जांचनी होंगी। 1.40 लाख परीक्षकों की टीम इस काम को 15 अप्रैल तक पूरा करने की कोशिश करेगी। अगर शासन की मंजूरी समय पर मिल गई तो यह टाइमलाइन बनी रह सकती है। शासन से मंजूरी मिलते ही मूल्यांकन की आधिकारिक तारीख और बाकी व्यवस्था की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।




