UP Board Copy Checking Big Update को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने एक अहम निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने साफ कहा है कि अगर किसी छात्र की उत्तर पुस्तिका में रुपये मिलते हैं तो उस कॉपी की जांच नहीं की जाएगी। दरअसल कई छात्रों में यह गलतफहमी रहती है कि कॉपी में पैसे रखने से परीक्षक ज्यादा अंक दे देंगे। इसी को देखते हुए बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने पहले ही जिलों को निर्देश दिए थे कि परीक्षा के दौरान छात्रों को साफ तौर पर बताया जाए कि उत्तर पुस्तिका में रुपये रखना गलत है और ऐसा करने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
छात्रों में फैली गलत धारणा को लेकर बोर्ड सख्त
यूपी बोर्ड के अनुसार कई बार यह देखा गया है कि कुछ परीक्षार्थी उत्तर पुस्तिका के अंदर रुपये रख देते हैं। उन्हें लगता है कि इससे परीक्षक प्रभावित होंगे और उन्हें ज्यादा अंक मिल सकते हैं। इसी वजह से बोर्ड ने पहले ही इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए निर्देश जारी किए थे। जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों को कहा गया था कि परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र व्यवस्थापकों के जरिए हर कक्षा में घोषणा कराई जाए ताकि छात्र इस बात से अवगत हो जाएं कि कॉपी में रुपये रखना अनुचित साधन माना जाएगा और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
मूल्यांकन के दौरान पैसे मिलने पर कॉपी नहीं जांची जाएगी
बोर्ड ने परीक्षकों को भी साफ निर्देश दिए हैं कि अगर किसी उत्तर पुस्तिका में रुपये मिलते हैं तो उस कॉपी का मूल्यांकन नहीं किया जाए। पहले भी मूल्यांकन के समय कई कॉपियों में 100, 200 या 500 रुपये मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। छात्रों ने यह सोचकर रुपये रखे थे कि परीक्षक उन पर ध्यान देंगे और ज्यादा अंक देंगे। अब ऐसी घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए बोर्ड ने यह व्यवस्था लागू की है ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे।
कक्ष निरीक्षक की जिम्मेदारी भी तय होगी
मूल्यांकन के दौरान अगर किसी कॉपी में रुपये मिलते हैं तो सिर्फ छात्र ही नहीं बल्कि संबंधित कक्ष निरीक्षक की भूमिका भी जांची जाएगी। बोर्ड के अनुसार ऐसी स्थिति में यह माना जाएगा कि ड्यूटी पर मौजूद कक्ष निरीक्षक ने अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई। इसलिए मूल्यांकन केंद्र पर उस उत्तर पुस्तिका का पूरा विवरण अलग से नोट किया जाएगा, जिसमें छात्र का अनुक्रमांक और विषय जैसी जानकारी दर्ज होगी ताकि बाद में यह पता लगाया जा सके कि परीक्षा के दौरान उस कक्ष में कौन निरीक्षक तैनात था।
नियम तोड़ने पर कार्रवाई भी तय
बोर्ड ने साफ किया है कि इस तरह की स्थिति मिलने पर संबंधित कक्ष निरीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिस छात्र की कॉपी में रुपये मिलेंगे उसे भी परीक्षा में असफल माना जाएगा। हालांकि ऐसे छात्र चाहें तो बाद में कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होकर फिर से पास होने का मौका पा सकते हैं।







