UP Board Evaluation Notice 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। बोर्ड की ओर से जिलों और मूल्यांकन केंद्रों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि कॉपियों की जांच पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ कराई जाए। इसके लिए प्रदेश भर में बनाए गए मूल्यांकन केंद्रों पर सख्त व्यवस्था लागू की जाएगी। बता दें कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल 2026 तक पूरा किया जाएगा। इस दौरान पूरे प्रदेश में 249 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं और सभी केंद्रों पर निगरानी, सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, जिससे कॉपियों की जांच बिना किसी गड़बड़ी के समय पर पूरी हो सके।
इतने केंद्रों पर होगी कॉपियों की जांच
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी निर्देश के अनुसार इस साल यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन प्रदेश के 249 केंद्रों पर कराया जाएगा। इन केंद्रों पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों परीक्षाओं की कॉपियां जांची जाएंगी। बोर्ड ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि मूल्यांकन केंद्रों पर पूरी व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली जाए। वहीं मूल्यांकन कार्य निर्धारित तारीख पर ही शुरू कराया जाए और समय पर पूरा कराया जाए। बोर्ड का कहना है कि कॉपियों की जांच तय समय सीमा के भीतर खत्म करना जरूरी है, ताकि रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी समय पर शुरू हो सके।
मूल्यांकन केंद्रों पर रहेगी कड़ी निगरानी
बोर्ड ने कॉपियों की जांच को लेकर मूल्यांकन केंद्रों पर सख्त निगरानी की व्यवस्था करने को कहा है। हर केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट और पर्यवेक्षक की तैनाती की जाएगी, जिससे पूरे काम की निगरानी की जा सके। इसके अलावा सभी मूल्यांकन केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और उनकी कनेक्टिविटी जिला और राज्य स्तर के कंट्रोल रूम से जोड़ी जाएगी। इससे मूल्यांकन कार्य की लाइव निगरानी की जा सकेगी। बोर्ड ने यह भी कहा है कि मूल्यांकन कार्य शुरू होने से पहले स्टैटिक मजिस्ट्रेट को केंद्र पर पहुंचना जरूरी होगा, ताकि पूरी प्रक्रिया की निगरानी सही तरीके से हो सके।
मोबाइल और अनधिकृत प्रवेश पर रोक
बोर्ड की ओर से जारी निर्देश में यह भी कहा गया है कि मूल्यांकन केंद्रों पर मोबाइल फोन या किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षक और कर्मचारी केंद्र के अंदर मोबाइल नहीं ले जा सकेंगे। इसके लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी, जहां मोबाइल जमा कराए जाएंगे। इसके अलावा मूल्यांकन केंद्रों में अनधिकृत लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। केवल वही शिक्षक और कर्मचारी अंदर जा सकेंगे जिनकी ड्यूटी मूल्यांकन कार्य में लगी होगी और जिनके पास पहचान पत्र होगा।
अप्रैल में रिजल्ट जारी करने की तैयारी
यूपी बोर्ड इस बार परीक्षा परिणाम पहले के मुकाबले जल्दी जारी करने की तैयारी में है। कॉपियों की जांच 1 अप्रैल तक पूरी होने के बाद रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाएगी। सूत्रों के अनुसार बोर्ड इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों कक्षाओं का परिणाम अप्रैल के मध्य तक जारी कर सकता है। माना जा रहा है कि 15 से 20 अप्रैल के बीच रिजल्ट घोषित किया जा सकता है। फिलहाल बोर्ड की कोशिश है कि मूल्यांकन कार्य समय पर पूरा हो जाए, जिससे छात्रों को इस बार पहले के मुकाबले जल्दी अपना परिणाम देखने को मिल सके।









